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Santre ki kheti kaise karen, नमस्कार दोस्तों, इस पोस्ट में हम आपको बताने वाले हैं, कि अगर आप किसान हैं और आप अपने खेत में संतरे का बाग लगाना चाहते हैं और उस बाग से अच्छी पैदावार लेना चाहते हैं तो आप अपने खेत में संतरे का भाव किस तरीके से लगाएंगे ताकि आपको कम लागत में अधिक मुनाफा मिल सके।  आज की पोस्ट में हम आपको संतरे का भाव किस प्रकार लगाना है और उसकी देखभाल किस तरीके से करनी है ये सारी जानकारी देंगे।

संतरा एक नींबू  वर्ग का पौधा है। दोस्तों भारत में आम और केले के बाद सबसे ज्यादा उगाई जाने वाली फसल संतरे की है, भारत में सबसे ज्यादा संतरा श्रीगंगानगर में उगाया जाता है। श्रीगंगानगर  का संतरा पूरे भारत में प्रसिद्ध है। 

संतरे का इस्तेमाल जूस बनाकर पीने में किया जाता है और उसके साथ-साथ संतरे का जैम और जेली भी बनाया जाता है, बहुत ज्यादा प्रसिद्ध है। संतरा  बहुत सी बीमारियों का निवारण भी करता है। संतरे में सीट अमर पाया जाता है जिसके कारण इसमें रोग प्रतिरोधक क्षमता होती है। 

आज के इस पोस्ट में हम आपको Santre ki kheti kaise karen इसके बारे में बताने वाले हैं आप हमारी इस पोस्ट को लास्ट तक पूरा ध्यान से पढ़े ताकि आपको शायद जानकारी अच्छे से मिल सके। 

संतरा कहा उगाया जाता है। 

संतरा एक नींबू वर्गीय पौधा है, संतरा सभी बीमारियों के लिए काम आता है, भारत में संतरे और माल्टा की खेती व्यवसायिक रूप के लिए की जाती है क्योंकि इनसे कम लागत में अधिक मुनाफा कमाया जा सकता है, भारत मैं सबसे ज्यादा संतरा,  राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और यूपी प्रमुख राज्य है।  संतरे की फसल सबसे ज्यादा राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में होती है श्रीगंगानगर का संतरा बहुत ज्यादा प्रसिद्ध है और पूरे भारत में इसके डिमांड रहती है। 

 Santre Ki Kheti Kaise Karen-

संतरे की खेती करने के लिए आपके पास  उपयुक्त जमीन होनी चाहिए, और आपके पास इस जमीन में पानी होना चाहिए और आपके जमीन उपजाऊ होनी चाहिए।  संतरे की खेती करने से पहले आपकी बातों का ध्यान रखना होता है, हम आपको नीचे सारे तरीके बता देंगे जिसका आपको ध्यान रखना है  संतरे की खेती करने से पहले। 

  •  संतरे की खेती करने से पहले आपको जमीन की अच्छे से बुवाई करनी होती है। 
  • अच्छे से बुवाई करने के बाद आपको संतरे की फसल लगाने से पहले आप के खेत में वर्गाकार आकार में गड्ढे खोदने होती हैं। 
  • पूरे खेत में गड्ढों की खुदाई होने के बाद आपको उन खंडों में गोबर की खाद और कीटनाशक मिलाकर और ऊपर से मिट्टी डालकर वापस भर देना है। 
  •  गड्ढों को पूरा भर देने के बाद आपको पूरे खेत में पानी लगा देना पानी लगाने के बाद गड्ढों में डाली गई खाद अच्छे से मिल जाएगी और अपना असर दिखाना शुरू कर देगी। 
  •  पानी लगाने के 10 से 15 दिन के बाद आपको उन गड्ढोंमैं संतरे के पौधे लगा देने हैं।

जलवायु और तापमान

खेती करने के लिए शुष्क जलवायु की आवश्यकता होती है, क्योंकि जब संतरे की फसल पकती है तो उस समय संतरे के पौधे को अधिक गर्मी की जरूरत होती है। संतरे की फसल को ज्यादा बारिश की आवश्यकता नहीं होती है यह फसल कम समय में और कम बारिश में ही अपने आप को सुरक्षित रखकर अधिक बढ़वार करती हैं। 

संतरे की फसल को खेत में लगाने के 3 से 4 साल बाद यह फसल पैदावार देना शुरु कर देती है। इस दिन 4 साल के अंतराल में अगर आप संतरे की फसल की अच्छी देखभाल करते हैं और समय पर खाद और उसमें स्प्रे करते हैं और जब पौधा थोड़ा सा मुरझाना शुरू कर देते हैं उस समय उसमें पानी समय पर दे देते हैं तो 4 साल के बाद आप अच्छी फसल निकाल सकते हैं। 

उपयुक्त मिट्टी

संतरे की फसल बोने के लिए हल्की दोमट मिट्टी की आवश्यकता होती है और साथ में खेत में जलभराव वाली जगह ना वह खेत में जल की निकासी अत्यंत आवश्यक होती है और इस जमीन का पीएच मान 6.5 से 8 तक होना चाहिए। इस तरह की भूमि में संतरे की पैदावार काफी अच्छी रहती है। 

 उन्नत किस्में

संतरे की खेती करने के लिए आपको सबसे पहले उसकी किस्म का चुनाव करना होता है संतरे में वैसे तो बहुत सी उन्नत किस्में है आप अपनी जमीन के आधार पर संतरे की किस्म का चुनाव कर सकते हैं और किस करने के बाद आपको सकते हैं। संतरे की उन्नत किस्म का चुनाव आप पर ही निर्भर करता है। 

पौधों की तैयारी करना-

संतरे की फसल खेत में लगाने से पहले आपको उसकी पौध तैयार करनी होती है, पौध तैयार करने के लिए आपको संतरे के बीच को निकालकर चूल्हे की राख मे रख देना है। इससे  संतरे के बीच में भरा पानी सूख जाता है और उसके बाद आपको पॉलिथीन में हल्की और भुरभुरी मिट्टी भरकर एक पॉलिथीन में तीन से चार बीज डालकर उसमें हल्का सा पानी डाल देना है। संतरे के बीज अंकुरित होने में 1 से 2 सप्ताह का समय ले लेते हैं। 

पौध की रोपाई का तरीका और समय

जब आपकी संतरे की पौध तैयार हो जाती है, तो उसके बाद आपको खेत में गड्ढों में हल्की हल्की खुरपी लगाकर  हल्का मुलायम कर लेना है, इसके बाद पॉलिथीन को नीचे से हटा देना है और  पौधे के चारों साइड अच्छी तरह से मिट्टी को लगा देना है जिससे पौधा नीचे गिरे ना। संतरे के पौधों को लगाने का सही समय बारिश का मौसम होता है जब  आपको लगे कि अब बारिश का समय है तो आप उस समय संतरे की पौध को अपने खेत में लगा सकते हैं और अगर वैसे सही समय की बातें तो अगस्त और सितंबर का महीना सत्र की पौध लगाने के लिए सबसे अच्छा महीना माना जाता है। 

पौधों की सिंचाई

संतरे की पौध को जब आप अपने खेत में लगाते हैं तो उसके कुछ दिनों के बाद से पानी देना होता है शुरुआत के 2 से 3 महीने संतरे के पौधों में लगातार एक-दो दिन छोड़कर पानी देना रहता है उसके बाद संतरे के पौधों में पानी 15 से 20 दिन के बाद होता है जब पौधा 6 से 8 महीने का हो जाए तो 1 महीने के बाद भी पानी दे सकते हैं। संतरे के पौधे में पानी को अवशोषित करने की क्षमता होती है जिसके कारण संतरे का पौधा 1 साल का होने के बाद 1 महीने तक बिना पानी पिए भी अच्छी स्थिति में रह सकता है। 

 फलों की तुडाई-

जब संतरे की फसल पककर तैयार हो जाती है तो आपको उस फसल को तोड़ना होता है इसके लिए या तो आप खुद अपनी फसल को तोड़ सकते हैं या आप आगे किसी ठेकेदार  से अपनी फसल को दबा कर बैठ सकते हैं संतरे के पौधे की तुलाई का समय दिसंबर और जनवरी का महीना होता है, कुछ संतरे के पौधों के दौड़ा नवंबर महीने में भी की जाती है ज्यादा जल्दी हो जाती है सबसे अच्छा रहता है क्योंकि संतरे का पौधा फरवरी और मार्च महीने में दोबारा लेना शुरू कर देता है। 

 निष्कर्ष

दोस्तों आज  कि हमारे इस पोस्ट में हमने आपको Santre ki kheti kaise karen इसके बारे में सारी जानकारी विस्तार से बताइए हमें उम्मीद है कि आपको यह पोस्ट पढ़ने के बाद संतरे की खेती करने में कोई भी समस्या नहीं होगी अगर आपको फिर भी कोई समस्या होती है तो आप हमें कमेंट करके पूछ सकते हैं हम आपके सवाल का जवाब जल्दी ही देंगे। 

अगर आपको हमारी यह पोस्ट Santre ki kheti kaise karen  पसंद आती है तो आप हमारी इस पोस्ट को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर करें ताकि दूसरे लोगों को भी या जानकारी पढ़ने को मिले और भविष्य की फसल को गाकर कम लागत में अधिक मुनाफा कमा सकें 

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