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URL kya hai, नमस्कार दोस्तो आपका मेरी website में स्वागत है, आशा करता हु की आप सब ठीक होंगे। और आपको मेरी post पसंद आ रही होगी। दोस्तो आप लोगो ने Google में बहुत सारी चीजों को सर्च किया होगा, क्या आपको पता है की URL का है,(URL kya hai)और यह हमारे किस काम आता है। इन सभी बातों का शायद ही आपको पता हो, पर आज आपको इस पोस्ट में मै URL क्या है (URL kya hai) और यह क्या काम आता है, और किस तरह से हम इसे Use करते है, इन सभी बातों के बारे में आपको में इस Post के माध्यम से बताऊगा, अगर आपको URL के बारे में नहीं पता है, तो आप इसे Post को लास्ट तक पूरा पढे आपको सारी जानकारी विस्तार से पता चल जाएगी।

क्या होता है URL का फूल फॉर्म?

दोस्तो आपको अब पोस्ट पढ़ने के बाद URL क्या है, और किस तरह कम करता है यह तो पता चल गया पर आपको URL का फूल फॉर्म क्या होता है, यह पता नहीं चला। चलो अब आपको इसकी फूल फॉर्म के बारे में बताता हूँ। दोस्तो URL की फूल फॉर्म- Uniform resources locator है।

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URL Kya Hai What is URL in Hindi)?

Internet पर उपलब्ध URL  एक ऐसा माध्यम हैं जिसके जरिए आप किसी भी Website पर आसानी से जा सकते है, आपको आसान भाषा में उदाहरण देकर समझाये तो, पृथ्वी पर करोड़ों व अरबों की संख्या में मानव निवाश करता हैं लेकिन हर एक इंसान का अलग नाम होता है उसी प्रकार Internet पर लाखो-करोड़ो की संख्या में Website आपको मिल जाती हैं, और हर एक Website का अपना अलग से एक नाम होता हैं। जब आप Internet पर कुछ भी Search करते है, तो आप उस web Page पर जाते है, जिसका नाम आपने गूगल में सर्च किया था और उसी नाम की कोई Website Google में मौजूद थी। लेकिन हर एक वैबसाइट का अलग-अलग URL होता है।

दोस्तो हम URL का उपयोग Network Resources Find करने के लिए Web browser, Software में और email client में करते हैं, URL एक तरह का Formatted text string हैं। वह इंटरनेट आपको Network के resources provide कराता है, जैसे कि Photo, Video, PDF, Website आदि इन सभी का डाटा या इनकी फ़ाइल Google के पास Store होती है।

URL की खोज किसने की थी और कब की?

दोस्तो URL क्या है और यह कैसे काम करता है, यह सब तो जान लिया पर अब आपको बताते है, की URL की खोज किसने की थी, दोस्तो यूआरएल की खोज सर्वप्रथम Tim Berner Lee ने 1914 ई में की थी.

Parts Of URL? – यूआरएल का भाग?

यूआरएल तीन भागों में बंटा होता हैं अथार्त यूआरएल तीन भाग से मिलकर बनता हैं

  • Protocol Designation
  • Address Or Host Name
  • Resource Location

URL के फॉर्मेट में सबसे पहले Protocol आता हैं उसके बाद 3 Special Character ” : // ” आते हैं फिर Host और उसके बाद File का Location आता हैं, जैसे कि URL का फॉर्मेट कुछ इस तरह का बना होता हैं

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protocol://host or address/location of resource

आप किसी भी Website पर Visit करते होंगे तब आपने देखा होगा कि URL का Design ऊपर के फॉर्मेट के तरह बना होता हैं, सामान्य रूप में कुछ इस तरह से https://www.techhindiclub.in जिसमें सबसे पहला भाग https हैं यह  Protocol हैं उसके बाद www.techhindiclub यह resource location यानी की इसे domain कहते हैं.

अब आपको इन Sub String के बारे में बताने वाला हूँ.

Protocol Sub String

इसका इस्तेमाल URL में किया जाता हैं. यह दो तरह के प्रोटोकॉल होते हैं. “http” और “https” यह दो URL के प्रोटोकॉल हैं हर एक Website के URL के पहले भाग में इन दोनों में से कोई एक अवश्य होता हैं.

Host or Address Sub String

इसकी मदद से हम यह पता लगा सकते हैं कि हमे resource को कौन से server से लाना हैं. Host में होस्टिंग होती है और उसके address में domain आते है यानि कि resource का नाम आता हैं, यानि की हम जो type करते है यह सब रिसर्च में आता है।

Resource Locator

दोस्तो URL का अंतिम भाग ऐसा होता है जैसा आप resource location में देखते हैं. यह किसी भी फ़ाइल का रास्ता बता सकता हैं.

अब तक आपको यह जानकारी मिली कि यूआरएल का फुल फॉर्म क्या हैं (URL  Full Form in Hindi) यूआरएल क्या है ( What is URL)  यूआरएल के कितने भाग हैं ( Parts of URL)  यूआरएल का इतिहास इसका आविष्कार किसने और कब किया ( History of URL) , अब आप यह जानेंगे कि यह काम कैसे करता हैं.

तो आइए जानते हैं URL कैसे काम करता हैं?

जिस तरह हमारे Mobile में एक IP-Address होता हैं उसी तरह Internet पर एक IP-Address होता है, दोस्तो Google में जितनी भी Website मौजूद हैं जिस पर हम लोग उस साइट पर Visit करते हैं उन सभी वैबसाइट का एक IP-Address भी होता हैं। अगर इंटरनेट पर URL नहीं होते तो हमें गूगल पर किसी File या Resource को ढूंढने के लिए IP-Address का सहारा लेना पड़ता और IP-Address को यह सभी या उनका डाटा याद रखना बहुत ही ज्यादा मुश्किल होता इसी कारण URL का उपयोग किया जाता हैं जो हमें और गूगल के सर्वर को आसानी से याद रहती हैं, की Browser उस URL को DNS में बदलकर IP-Address के जरिए हमे उस Website  तक बहुत ही आसानी से पहुंचाता है।

URL के प्रकार ? Types Of URL in Hindi

URL काम कैसे करता है इसकी जानकारी तो आपको मिल गई अब URL के प्रकार जानते हैं, URL के तीन प्रकार होते हैं-

Static URL

यह कभी भी बदलता नहीं हैं. Static URL Fix होता हैं।

Messy URL

यह URL Static नहीं होते हैं क्योंकि यह URL Computer के द्वारा बनाए जाते हैं।

Dynamic URL

आप जब Website पर Input देते हैं मतलब आप अपनी Information Fill करते हैं तो आपको Output मिलता हैं उस Output वाले Page पर जो URL होता हैं उसे Dynamic URL कहा जाता हैं और यह हर एक user के लिए अलग-अलग होता हैं जिसमे यूआरएल में ” + ? % ” जैसे Character का प्रयोग किया जाता हैं.

निष्कर्ष (Conclusion)

दोस्तो आज की यह पोस्ट URL क्या है (URL kya hai) के बारे में विस्तार से सारी जानकारी दी है, अगर फिर भी आपको इस पोस्ट में की भी कमी नजर आती है, तो आप मुझे कमेंट के माध्यम से बता सकते है, मै उस कमी को पूरा करने की कोशिश करूंगा। ताकि आपको इस पोस्ट को पढ़ने मे कोई दिक्कत ना आए। आप इस पोस्ट को लास्ट तक पूरा जरूर पढे।

URL क्या है(URL kya hai)दोस्तो अगर आपको यह पोस्ट अच्छी लगी और आपको इस पोस्ट में कुछ सीखने को मिला तो आप इस पोस्ट को अपने Social Media Account पर जरूर शेयर करे, ताकि आपके दोस्त या परिवार से सदस्य भी इस जानकारी को पूरा पढ़ सके ताकि उनको भी इसके बारे में पता चले और उन्हे कभी भी कोई इसके बारे में पुछे तो वह उसे इसका जवाब दे सकते। जय हिन्द जय भारत

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